शिक्षा मात्र अक्षर नहीं,
यह बोध का आधार है,
शून्य से व्यक्तित्व तक,
सृजन का विस्तार है।
यह वह अवशोषित कण है,
जो अंतर्मन में रमता है,
विचारों के रूपांतरण से ही,
नया जीवन जनमता है।
यह संचार का वह सेतु है,
जो परिवर्तन को स्वर देता है,
अनुभवों को आत्मसात कर,
व्यवस्थित कर देता है।
सकारात्मक अवधारणाओं का,
यह ऐसा अनमोल संग्रह है,
जो संवेदनाओं को प्रतीक बना,
देता जीवन को विग्रह है।
हृदय के भावों को चुनकर,
यह कौशल को गढ़ती है,
लक्ष्यों की निश्चितता पर,
यह कलम सदा बढ़ती है।
आर्थिक, सामाजिक पथ पर,
यह उन्नति का संवाहक है,
समस्याओं के समाधान का,
यह सबसे प्रबल सहायक है।