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उम्मीद का एक समुंदर है, जिसका तू किनारा है
मेरी तिनके जैसी रोशनी वाली ज़िंदगी का तू ही सहारा है
कई आँखों में खूबसूरती का अक्स पाया है
पर तेरी आँखों में डूबकर मैंने, ऐ विघ्नहर्ता, अपने सुकून को पाया है
तेरे आने की दस्तक हर दिल में एक सुनहरे सवेर की आस जगा रही है
यह मेरी दुआ है कि
तू आए तो हर दिल में एक सुनहरे वक्त की बहार हो
तू जाए तो हर रूह को तेरे होने का विचार हो
दस्ता अपने मंज़िलों की तुझे सुनाकर, अब न जाने क्यों सफ़र से प्यार हो रहा है
लगता है बप्पा, तेरी मौजूदगी का, मेरी ज़िंदगी में इज़हार हो रहा है