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उम्मीदों को अपनी दफनाए, आज मैं स्वर से इज़हार कर रही हूं
जो मेरा है वो हर हाल में मुझे मिलेगा, इस बात को सुनकर सुकून से इंतज़ार कर रही हूं
उसकी ना आने के आयत की अपेक्षा है ना उसकी जुदाई का कोई ज़िक्र है
ये तो मेरा नासमझ सा दिल है जिसे अभी भी उसकी फ़िक्र है
ख़बर नहीं थी कि इश्क़ कुछ इस तरह से तोड़ेगा
कि टूटे हुए टुकड़े न जाने कितनी बार समेटो, ये बेबस दिल फिर भी ना जुड़ेगा
कुछ किस्से तेरे मैंने अपने अंदर दफनाए हैं
खामोशी की चादर ओढ़े मेरे सारे सपने अब नींद की बाहों में समाए हैं
अगर हमारा साथ होना उस तक़दीर को मंजूर है, तो दुनिया की कोई ताकत हमें नहीं रोक पाएगी
लेकिन अगर मेरे हाथों की लाकिरों में तेरा चेहरा नहीं, तो मैं तुझे एक खूबसूरत ख्वाब समझकर भूल जाऊंगी
तेरी यादों को भुलाकर अब मैंने आगे बढ़ने का फैसला कर लिया है
तेरी मेरी इस कहानी के पूरी होने की उम्मीद को अब मैंने छोड़ दिया है
अब तेरे आगे बढ़ने की बारी है! ये मुझसे कह रहा है मेरा रब
तुझसे प्यार करते हुए भी तुझसे कदम मोड़ रही हूं, ये ही है मेरी मोहब्बत का सबब