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वेब सीरीज में बगैर थ्रिल काम नहीं होगा
ये तुमने जो कहानी लिखी है, उनमें और तड़का लगा।
सिर्फ नमक-मिर्ची से बात नहीं बनेगी,
चिकन मसाले का बघार लगा।
चल, क्राइम के चार सीन डाल, और रेप के पाँच,
समाज में जो रोज़ाना हो रहा है, उससे कुछ अलग राह बना।
ब्लू ड्रम के पीछे क्यों पड़ा है?
कुछ हटके क्लाइमैक्स बना।
बगैर थ्रिल मेरा वेब नहीं बिकेगा।
तू सारे रिश्तों की बैंड बजा,
मुझे टीआरपी में अव्वल दर्जा दिला।
जी सर। की-बोर्ड पर लिखती उँगलियाँ जवाब देते हुए थरथराईं,
अपने एहसास को पूरा आर्टिफिशियल कर गईं।
अगर कलम होती,
समाज में तार-तार होकर, बेटे के हाथ से कत्ल होकर,
नीले ड्रम में सड़ रहे रिश्तों की बुनियाद लिखते ही ढह जाती।
पत्नी और प्रेमी के हाथों मासूम पति की कत्ल कर,
नीले ड्रम में सीमेंट की परत के नीचे दफनाई गई
वफ़ा से सिसककर सहम जाती।
चल, दो पेग लगा। दिल के करीब मत जा,
दिमाग काम में लगा।
बगैर थ्रिल मेरा वेब नहीं बिकेगा।
खून के रिश्ते मिट रहे हैं, अपना अस्तित्व टिकाने
संघर्ष कर रहे हैं।
वहाँ जो ज़िंदा बची है, वो रिश्तों की खूबसूरती मिटा।
बगैर थ्रिल मेरा वेब नहीं बिकेगा।
सर, आप क्या बोल रहे हो, हमारी संस्कृति पुरानी है।
हाँ, अभी पाश्चात्य हम पे हावी है।
नई पीढ़ी को वह निगल चुका है।
AI का आगमन उसे संवेदनाहीन बना रहा है।
सर, आप तो देश के भविष्य के बारे में सोचो।
यह सारी नकारात्मकता हमारे समाज को खोखला कर रही है।
सर, मेरी कलम की आत्मा को श्री से जुड़ा रहने दो।
उस पर मत दबाव बनाओ।
रिश्तों में जो थोड़ा बहुत अपनापन बचा है, उसे संवारो।
सर, मेरी सर्जनात्मकता से यह नहीं हो पाएगा।
मेरी कलम क्षमा चाहती है।

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