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अभी सोशल मिडिया में सबसे अधिक चर्चा और विवाद एक व्यंजन को लेकर हो रहा है वह है 370 रूपये की बिरयानी। चूंकि यह विवाद एक स्टेंडअप कमेडी से जन्मा है तो हम भी ऐसे ही शुरूआत करते हैं, इस विवाद के बारे में चर्चा करने से पहले। पहली बार ऐसा होगा कि खिलाने वाले को बिरयानी इतनी महंगी पड़ी की उसका वर्तमान जीवन ही एक तरह से बरबाद हो गया।
आईये जानें कि आखिर यह 370 रूपये की बिरयानी का विवाद क्या है ?
एक 22-23 साल का नौजवान लड़का हिमांशु जांगरा जो कि गुडगांव स्थित एक डिजाईन एवं ब्रांडिंग फर्म स्टारविक डिजाइन में वेब डेवलपर का काम करता था। एक दिन मनोरंजन करने के उद्देश्य से एक स्टेंडअप कमेडियन और बिग बॉस के शो के प्रतिभागी प्रणित मोरे के शो में क्राउड वर्क सेगमेंट में दर्शक के रूप में शामिल हुआ। शो के दौरान शो के होस्ट प्राणित मोरे से बातचीत में उसने अपनी महिला मित्र के साथ एक डेट का किस्सा सुनाना शुरू किया, तो सभी उसकी बातों पर हंस रहे थें यहां तक कि प्रणित मोरे शो के होस्ट भी और दर्शकों में शामिल महिलायें भी तब तक किसी को कोई परेशानी नहीं थी। वह नौजवान युवक बड़े गर्व से बता रहा था कि उसने डेट पर चिकन बिरयानी की एक प्लेट ऑर्डर की जिसकी कीमत लगभग 370 रूपये होगी। खाने के बाद महिला ने घर छोड़ने को कहा तो उसे लगा कि 370 रुपये खर्च किए हैं, वसूलना तो बनता है। जिस पर सभी दर्शक जिसमें महिलायें भी शामिल थी, खिलाखिलाकर हंस रहे थे, शो के होस्ट भी तो युवक को लगा कि वह कोई बहुत अच्छी बात कर रहा है और शायद जो उसकी डेट पर हुआ भी न हो बढ़चढ़कर बताने लगा जैसा कि सदैव देखा गया है कि अधिकांश युवक जब इस तरह की बातें होती हैं तो वह बढ़ाचढ़ाकर बताते हैं कि महिला ने केवल एक शब्द ही कहा हो लेकिन वह उसे पूरी कहानी बता देते हैं। तब उस युवक के व्यवहार को न ही किसी ने रोका न ही किसी को उसका यह व्यवहार गलत लगा सभी उसकी बातों में मनोरंजन तलाश रहे थे। कोई भी समझ सकता है कि वसूलने से उस युवक हिमांशु का क्या तात्पर्य है। उस नौजवान युवक की, परंतु जैसे ही यह क्लिप वायरल हो गई, अचानक तो उसकी कही गई बातों की आलोचना होने लगी। कई लोगों को लगा कि यह एक घटिया सोच है कि मात्र 370 रूपये खर्च कर कोई किसी पर अपना हक समझने लगता है कि वह उसके साथ कुछ भी कर सकता है। इस पर महिलाओं के भी कमेंटस आये कि अब से अपना बिल खुद तो नहीं तो कोई भी 370 रूपये की बिरयानी को वसूलने की उम्मीद रखेगा या हिसाब मांगने लगेगा या एहसान दिखायेगा। क्या उस युवक के साथ जो महिला गई थी, वह क्या 370 रूपये देने में सक्षम नहीं थी।
सोशल मिडिया पर हिमांशु के इस क्लिप की चर्चा का इतना असर हुआ कि जिस कंपनी स्टारविक डिजाइन में वह काम करता था, उसने उसे जॉब से निकाल दिया। स्टारविक डिजाइन के संस्थापक विवेक विश्वकर्मा को सामने आकर बयान देने पड़ा क्योंकि इस विवाद के बाद लोगों ने उस युवक के बारे में जानकारी इकट्ठा करके कि वह क्या करता है, उसकी कंपनी के संस्थापक और कंपनी को कई मेल और कॉल किये। स्टारविक के संस्थापक को इंस्टाग्राम पर आकर स्पष्टीकरण देना पड़ा कि ‘’मैं यह बात बिल्कुल स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हिमांशु के क्ल्प्सि में दिखाए गए बयान आपत्तिजनक हैं। मैं उनसे सहमत नहीं हूँ। हमारी कंपनी उन विचारों का समर्थन नहीं करती है, और निश्चित रूप से उनका युवा दिमागों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।
परंतु स्टारविक के संस्थापक श्री विश्वकर्ता ने यह भी कहा कि फर्म से हिमांशु जांगर को निकलने से पहले आंतरिक रूप से हिमांशु का मूल्यांकन किया था, जिसके अनुसार हिमांश के साथियों तथा महिला कर्मचारियों ने हिमांशु को व्यावसायिक, सम्मानजनक व्यवहार करने वाला और मेहनती कहा और उनके खिलाफ कभी कोई शिकायत भी नहीं मिली थी। अर्थात कंपनी के किसी कार्य की वजह से नहीं बल्कि उनकी कंपनी के बाहर जो उनके कर्मचारी द्वारा किया गया व्यवहार का असर कंपनी की साख पर पड़ने के कारण हिमांशु को निकाला गया।
इसी प्रकार प्रणित मोरे जब बिग बॉस में प्रतिभागी के रूप में शामिल था तो उसके बारे में भी यह दिखाने का प्रयास किया गया था कि वह महिलाओं का सम्मान करता है। किंतु उसके शो में यह सब हुआ, तब न ही उसने रोका, बल्कि अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर किया।
यदि हिमांशु यही बातें सार्वजनिक रूप से न कहकर अपने ऑफिस या दोस्तों के बीच बैठकर करता तब भी शायद सब लोग उसकी बातों पर हंस रहे होते और उसे अपनी इस बात का इस प्रकार खामियाजा नहीं भुगतान पड़ता। इससे से ऐसा प्रतीत होता है कि यह तो सभी की सोच हैं, पर उस पर किस प्रकार की प्रतिक्रिया होती है इससे सब कुछ बदल गया। यदि सोशल मीडिया पर इस प्रकार का रिएक्शन नहीं आता तो शायद यह मुद्दा कभी इतना बड़ा नहीं बनता। इसको लेकर समय रैना जो कि एक मशहूर स्टेंडअप कमेडियन है और कुछ समय पूर्व इसी प्रकार के विवाद का सामना कर चुके हैं, उनके खिलाफ भी इसी प्रकार के शो में आये एक अन्य सदस्य जो कि एक मशहूर सोशल मिडिया व्यक्तित्व हैं राहुल इलाहाबादिया द्वारा की गई टिप्पणी के कारण एफ. आइ. आर. हो गयी थी। अपने उस विवाद के बाद उनके द्वारा अपने नये शो के फर्स्ट एपिसोड में कहा कि यदि इस प्रकार की बातों पर एफ. आई. आर. होने लगे तो भारत के हर एक आदमी पर दिन में तीन बार एफ. आई. आर. होने लगे। इसका मतलब तो यही है कि भारतीयों की सोच और व्यवहार तो वही है जो इस युवक हिमांशु का है, पर सोशल मीडिया के दबाव के कारण इस प्रकार के विवाद के बाद लोग माफी मांग रहे हैं, पर क्या इससे हमारी सोच तो नहीं बदली। सोच तो वहीं है, बस एफ. आई. आर. नौकरी जाने से माफी मांग रहे हैं लेकिन सोच तो वहीं रहे हैं। इस प्रकार थोड़े दिनों तक बहुत बातें होंगी सब नैतिक मूल्यों पर बात करेंगे और कुछ दिनों बाद वही सब फिर से शुरू हो जाता है। समय रैना के प्रकरण में भी यही हुआ थोड़े दिन शो नहीं आया फिर नया शो आ गया, कपिल शर्मा के शो से बुलावा आ गया। कोई बड़ी बात नहीं है कि हिमांशु भी कल को एक स्टेंडअप कमेडियन बन जाये जहां उसे कोई जानता नहीं था, अब सब उसे सब जान रहे हैं।
एक कहावत है कि बदनाम हुये तो क्या हुआ नाम तो हुआ। आजकल यही चल रहा है, भले ही बदनाम हो रहे हैं, पर मशहूर हो रहे हैं। कुछ समय बाद पहले से भी ज़्यादा।