मेरा परिचय:- जय हिंद दोस्तों। मेरा नाम आमिर अल्फ़ाज़ है। पेशे से शिक्षक हूँ। देश का भविष्य निर्माण करता हूं। इसी निर्माण की यात्रा में मैंने देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग विद्यालयों में काम किया है। मैं मध्य प्रदेश का रहने वाला हूँ, लेकिन महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में मैंने काम किया है।
मेरी कहानी के बारे में:- कहते हैं कि जिसने कभी अपनी मां से प्यार नहीं किया, तो वह कभी किसी स्त्री से भी प्यार नहीं कर सकता। मैं अपनी मां से बहुत प्यार करता था और मैंने उस स्त्री से भी बहुत प्यार किया।यह कहानी मेरे द्वारा एक लड़की के साथ बिताए गए पलों के बारे में है, उसकी यादों के बारे में है, जिससे मैं सच्चा प्यार करता था। इस कहानी ने मुझे यह सिखाया कि कभी किसी इंसान को ख़ुदा नहीं बनाना।
उत्तर प्रदेश में कदम:- दरअसल, यह बात कोरोना की दूसरी लहर के वक्त की है। स्कूलों में पढ़ाई ऑनलाइन हो रही थी। स्कूल में सैलरी आधी हो चुकी थी, जिससे मैं संतुष्ट नहीं था और किसी दूसरे संस्थान की तलाश में था। इसी तलाश में मुझे उत्तर प्रदेश के औरैया के एक स्कूल का ऑफर आया, जिसमें मुझे ऑनलाइन पढ़ाना था और अच्छे-खासे पैसे भी मिल रहे थे।
मेरी पहली मुलाकात:- वो अचानक से एक दिन बिल्डिंग में आई। जैसे ही मैंने गेट खोला, अचानक से एक खूबसूरत चेहरा, एक मासूम सी सूरत वाली लड़की, एक परी की तरह, मेरे सामने खड़ी हो गई। वह भी अंदर आना चाहती थी, जैसे मैं बाहर जाना चाहता था। वह रुकी नहीं थी। जैसे ही मैंने गेट खोला, उसने भी गेट खोला, जैसे कि न्यूटन का तीसरा नियम लागू हो गया हो। हम टकराने ही वाले थे। मैं उसे देखकर अचानक से हड़बड़ा गया, जैसे कोई डर जाता हो। इसी तरह उसने भी वही हरकत की, जैसी मैंने की थी।
"स्कूल बस की सीट और गणित से प्यार"— हम एक ही बस में सफर करते थे। मैं उसके पीछे बैठता था। वह एक अच्छी टीचर बनना चाहती थी। इसी सिलसिले में वह मुझसे गणित के अलग-अलग विषयों पर बातचीत करती थी। वह मेरे ज्ञान और मेरे अनुभव से धीरे-धीरे प्रभावित होती गई। इसी तरह से हमारी नज़दीकियां बढ़ती गईं।
हमारा व्हाट्सएप वाला रिश्ता:- मैंने 3 दिन तक सिर्फ़ एक comma (,) भेजा और डिलीट नहीं किया। उसने मैसेज पढ़ लिया और फिर रिप्लाई किया, "आप कौन हैं?" मैंने उसे सिर्फ इतना रिप्लाई किया, "Sorry, technical problem." इतना पढ़ते ही वह हंसने लगी। उसने कहा, "बेवकूफ मत बनाओ, अपना नाम बताओ।" लेकिन मैंने अपना नाम नहीं बताया। कुछ दिन बीतते गए। मैं सिर्फ़ comma भेजता था, लेकिन नाम नहीं बताता था। एक दिन उसने मुझे स्कूल में देख लिया। मैं सकपका गया। उसने मेरी तरफ़ घूरकर देखा। अब हमारी बातें व्हाट्सएप पर होने लगीं।
वो मेरी मां की तरह बन चुकी थी:- वह मेरी हर छोटी-छोटी चीज़ का ध्यान रखने लगी थी। मुझे मेरी गलत आदतों पर टोकना और अच्छी आदतों को प्रोत्साहित करना, उसकी यह आदत मुझे बहुत अच्छी लगती थी। उसका तो मुझे पता नहीं, लेकिन मैं उससे बेइंतहा मोहब्बत करने लगा था।
उसे किसी और से प्यार था:- बहुत से खुलासों के बाद एक दिन उसने बताया कि वह अपने शहर के एक लड़के से पिछले कई सालों से रिलेशन में है और उससे बहुत प्यार करती है। मुझे सुनकर बहुत दर्द हुआ, तकलीफ हुई, लेकिन मैं क्या करता मैं पूरी तरह से उसमें रम चुका था, उसकी हर एक चीज़ में बंध चुका था। मैंने कोशिश की कि उससे दूर हो जाऊँ। यह बात सुनने के बाद एक हफ्ते तक न मैंने उसे कोई मैसेज किया और न उसने। मेरे लिए प्यार का मतलब खुशियां देना था, लेना नहीं।
उसने मेरा इस्तेमाल किया: वह नई-नई टीचिंग फील्ड में आई थी। उसे ज्यादा अनुभव नहीं था। उसको एक ऐसे इंसान की तलाश थी, जो उसको प्रोफेशनल चीज़ें सिखा सके, उसकी मदद कर सके और उसके करियर ग्रोथ को आसान बना सके। और इन्हीं सब चीज़ों में मैं उसकी मदद कर रहा था। शायद इसीलिए उसने मुझे कभी रिजेक्ट भी नहीं किया और कभी एक्सेप्ट भी नहीं किया। मुझे बीच में रखा, ताकि मैं प्यार, एकतरफा प्यार और विश्वास के बीच झूलता रहूं। मैंने उससे कई बार पूछा, "क्या तुम मुझसे सच में बात करना चाहती हो? अगर ब्लॉक करना है, मुझे छोड़ना है, जाना चाहती हो तो चली जाओ। मैं नहीं रोकूंगा।" लेकिन उसने ऐसा कुछ कभी नहीं किया। समय के साथ मुझे समझ आया कि वह मेरा इस्तेमाल कर रही थी। वह समझ चुकी थी कि मैं उससे बहुत प्यार करता हूं और मैं कहीं जा नहीं सकता। कई बार हमने एक-दूसरे को ब्लॉक भी किया, लेकिन फिर भी बातें शुरू हो जाती थीं। धीरे-धीरे मुझे समझ में आने लगा कि मैं सिर्फ इस्तेमाल हो रहा था।
आप इंसान तो बहुत अच्छे हो, लेकिन:- उसने लगभग 10 महीने के बाद मुझे बताया कि वह किसी और से प्यार करती है। 10 महीनों तक मैंने कई बार उससे पूछा कि वह मेरे बारे में क्या सोचती है। उसका सिर्फ यही कहना था, "आप इंसान तो बहुत अच्छे हैं और आप मेरे दोस्त हैं।" 10 महीनों तक वह यह संकेत देती रही कि वह भी मुझसे प्यार कर सकती है। इसी लॉलीपॉप में मैं बेचैन होता रहता था। मैं समझ चुका था कि अब हमारा प्यार उस तरह से नहीं हो सकता।
वह पल जब मेरे दिल के करोड़ों टुकड़े हो चुके थे:- मेरे स्कूल के आखिरी दिन को उसने मेरे लिए बहुत यादगार बना दिया। उसने मुझे प्यार से अपने हाथों से खाना खिलाया। मेरे सिर में हाथ फेरा। मैं उस दिन बहुत रो रहा था। उसने मेरा ऐसा ख्याल रखा कि मुझे ऐसा लगा कि मैं उसका दोस्त नहीं हूं; वह सच में मुझसे प्यार करती है। लेकिन मैं गलत था। मैं भ्रम में जी रहा था।
उसने सिर्फ मेरा इस्तेमाल किया:- मेरे उत्तर प्रदेश छोड़ने के एक-दो महीने बाद तक वह मुझसे बात करती रही और फिर एक दिन उसने अचानक से मुझे ब्लॉक कर दिया। उसके बाद से कभी मेरी उससे बात नहीं हुई। उसने कोई कारण भी नहीं बताया कि किस वजह से उसने ऐसा किया और न ही मैं अब तक जान पाया कि उसने ऐसा क्यों किया। वह सिर्फ मुझे प्रोफेशनल हेल्पर के तौर पर देखती थी, इससे ज्यादा कुछ नहीं। मुझे गुस्सा भी आता है, अंदर से दर्द भी होता है, तकलीफ भी होती है कि कोई मेरा इस्तेमाल कैसे कर सकता है? न वह खुद गई और न मुझे जाने दिया। मैं आज भी उसकी यादों के साथ हूं।