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हम भूतों से कहाँ डरेंगे, वो बेचारे खुद हमसे घबराते हैं!
हम चमगादड़ बना-बनाकर उनको पेड़ों पर लटकाते हैं!!
हम चमगादड़ बना-बनाकर उल्टा, पेड़ों पर लटकाते हैं!!!

देश कनाडा, अमेरिका में, खूब भूतों के मेले लगते हैं,
पर भारत में भूत भगाने वाले, गली गली में मिलते हैं,
वो द्वार पर लटके नीबू मिर्ची, देख के ही डर जाते हैं
दुनियां भर के भूत बेचारे, भारत आने से कतराते हैं!
हम भूतों से कहाँ डरेंगे, वो बेचारे खुद हमसे घबराते हैं!

कल शाम हम गए देखने, कनाडा में "लेजेंड्स ऑफ हॉरर"
जर्जर महल, व्याप्त अँधेरा, चीख पुकारें दूर दूर तक डर ही डर,
टिकट कटाकर, मीलों लम्बी कतार में, लोग प्रतीक्षा करते थे,
भूतों के दर्शन करने को, पागल से, कितने उत्सुक दिखते थे!

कहीं चीखती हुई चुड़ैलें, कंकाल, कहीं डरावनी परछाईं,
कहीं अचानक भूत निकलकर, सबके होश उड़ादें भाई,
पास हमारे भी कुछ आए, डरावने तेवर अपने दिखलाए,
हम से टकरा कर उल्टे भागे, नजर नहीं फिर वह आये!
हम भारतवासी भूतों को, उन की नानी याद दिलाते हैं,
शायद इसीलिये वो हमसे डर के, तुरत दूर भग जाते हैं!
हम भूतों से कहाँ डरेंगे, वो बेचारे खुद हमसे घबराते हैं!

अब हेलोवीन सुबह कनाडा छोड़, शाम अमरीका पहुँच जायेंगे,
वहां भूतों के मेले में फिर से, हम अपना हौसला रंग, दिखायेंगे,
अमरीका के बच्चे भी तो भूत प्रेत सा, अपना रूप सजाते हैं,
ख़ुशी ख़ुशी घर, आंगन, द्वार अपने, भुतहा महल बनाते हैं,
"ट्रिक ऑर ट्रीट " कह कह कर बच्चे, कैंडी खूब कमाते हैं,
हँसते गाते, कैंडी से भरी टोकरी, ले कर घर वापस आते हैं,
पर भूत भारत की थर्ड डिग्री, झाड़फूंक, मन्त्रों से भय खाते है!
हम भूतों से कहाँ डरेंगे, वो बेचारे खुद हमसे घबराते हैं!

भारत में, जब कोई भूत प्रेत, अगर गलती से भी आता है,
तान्त्रिक क्रियाओं के चक्कर में, बड़ा परेशान हो जाता है,
जादू टोने, झाड़फूंक, मन्त्रों और तांत्रिकों के भय के चर्चे,
भारत में भूत भगाने वालों के भी, बंटते दूर दूर तक पर्चे!

भूत, वहां लोगों को खूब डराते, पर भारत में डर खाते हैं,
यूँहीं दुनियां भर के भूत बेचारे, भारत आने से कतराते हैं,
वहां टिकट पर भूत दिखाते, पर यहाँ भूत उतारे जाते हैं,
वहां भूतों के करिश्मे दिखा के, लोग डॉलर खूब कमाते हैं!
हम भूतों से कहाँ डरेंगे, वो बेचारे खुद हमसे घबराते हैं!

कनाडा, अमरीका में महंगे टिकेटों से, डर ही ख़रीदे जाते हैं,
भारत में तो भगवान के दर्शन भी, फ्री लाइन में मिल जाते हैं,
वहां भूत बंगलों में जा कर, लोग खुद भूतों से टकराते हैं,
यहाँ प्रभु के चरणों में आ कर, लोग मन की शान्ति पाते हैं!

कोई मांगे सुख सम्पत्ति, कोई मांग रहा है बस केवल ज्ञान,
कोई प्रभु की शरणागत हो कर, मांगे जग जंजालों से त्राण,
वहां भुतहा रोमांस खरीदें पर, यहाँ विश्वास आस्था पाते हैं,
हँसी मज़ाक में चिंता, कुंठा औ तनाव के सारे भूत भगाते हैं!
हम भूतों से कहाँ डरेंगे, वो बेचारे खुद हमसे घबराते हैं!

चाहे कोई देश कनाडा, अमेरिका या फिर भारतवर्ष महान,
छोटा बड़ा नहीं कोई भी, इस दुनियां के सब देश समान,
हर देश की अपनी संस्कृति, अपनी अलग अलग पहचान,
हैलोवीन का अपना उत्सव और प्रभुभक्ति का अपना मान,
हो चाहे जैसी प्रथा, संस्कृति, हो सब का दिल से सम्मान,
प्रेम पूर्वक संग रहें सब, गूंजे हर संस्कृति का यश गुणगान।

हम भूतों से कहाँ डरेंगे, वो बेचारे खुद हमसे घबराते हैं!
हम चमगादड़ बना बनाके उनको, पेड़ों पर लटकाते हैं!!
हम चमगादड़ बना बना के उल्टा, पेड़ों पर लटकाते हैं!!! 

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